Monday, February 21, 2011

BOOST YOUR BRAIN POWER

 
जागरण समाचार पत्र में छपा यह लेख आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगा. कुछा चीजे अवश्य ही अनुकरणीय  है . 
 मस्तिष्क आपके शरीर का शहंशाह है। सस्कृति, सभ्यता और विज्ञान का जो चमत्कारिक विकास हुआ है, उसका बुनियादी कारण मानवीय मस्तिष्क ही है। आपके इस अमूल्य मस्तिष्क की भी कुछ जरूरतें हैं, जिन्हें जानना जरूरी है, तभी आपका मस्तिष्क लबे समय तक
स्वस्थ, सजग और सक्रिय बना रह सकता है..
जॉगिग करें
हाल में ही ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में हुए एक अध्ययन के अनुसार हफ्ते में कई बार जॉगिग करना मस्तिष्क की क्षमता व क्रियाशीलता को बढ़ाने में सहायक है। जसलोक हॉस्पिटल के डॉक्टर परेश के. दोषी का कहना है कि व्यायाम करने से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में काफी हद तक सुधार होता है। डॉ. परेश के अनुसार बच्चों पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार उन्होंने यह बात दर्ज की है कि जो बच्चे नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, उनका शैक्षिक प्रदर्शन उन बच्चों से कहींज्यादा बेहतर रहता है, जो बच्चे व्यायाम नहीं करते। डॉ. परेश के अनुसार प्रतिदिन 20 मिनट तक व्यायाम करने से डीमेंसिया नामक मर्ज होने का जोखिम कम हो जाता है।
बच्चे को स्तन-पान कराएं
हाल में आस्ट्रेलिया में पर्थ के 'टेलीथॉन इंस्टीट्यूट फॉर चाइल्ड हेल्थ रिसर्च' में एक अध्ययन हुआ था। इस अध्ययन के अनुसार जिन बच्चों को उनकी शैशवावस्था में मा ने कम से कम छह महीने या इससे अधिक वक्त तक स्तन-पान कराया था वे बच्चे पढ़ाई-लिखाई में सामान्य बच्चों की तुलना में कहीं ज्यादा आगे रहे। हालाकि इस अध्ययन में 10 साल के बच्चों और खासकर लड़कों को ही शुमार किया गया था। इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों के अनुसार मा के दूध में जो पोषक तत्व पाए जाते हैं, वे मस्तिष्क के विकास में सहायक होते हैं।
सुनिए सगीत
सगीत का मस्तिष्क पर अच्छा असर पड़ता है, लेकिन सगीत का मस्तिष्क पर सबसे उम्दा प्रभाव तब पड़ेगा, जब कोई व्यक्ति मोजार्ट का सगीत सुनें। बहरहाल वरिष्ठ नाक,कान व गला विशेषज्ञ डॉ. देवेन्द्र लालचदानी कहते हैं कि मोजार्ट पाश्चात्य देशों के महान सगीतकार थे। मेरी राय में भारतीय शास्त्रीय सगीत, लोक-सगीत और फिल्म सगीत सुनने का भी मस्तिष्क पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। हा, तेज ध्वनि में सगीत न सुनें। वहीं कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय मे भी सगीत के प्रभाव के सदर्भ में अध्ययन किया गया। इस अध्ययन का निष्कर्ष है कि जिन बच्चों ने पियानो सीखा और सामूहिक गान में नियमित तौर पर भाग लिया, वे पहेलियों व सवालों का जवाब तलाशने में उन बच्चों से कहीं ज्यादा अव्वल रहे, जिन्होंने सगीत का रियाज नहीं किया था।
सुहानी नींद लें
सोना स्वास्थ्य खासकर मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए सोनाहै। वैज्ञानिकों के अनुसार सोने में ऐसी शक्ति है, जो दिमाग और शरीर की कई शिकायतों को दूर कर आपको स्वस्थ रखने में सहायक है। एक अध्ययन से पता चला है कि सोने की क्रिया न्यूरोजेनेसिस के निर्माण में योगदान देती है। न्यूरोजेनेसिस मस्तिष्क में नई नर्व नर्व सेल के निर्माण में सहायक है। नींद मस्तिष्क के क्रिया कलापों के सुचारु सचालन, ज्ञान-विज्ञान सबधी तथ्यों को सजोने और अच्छी याददाश्त के लिए उपयोगी है।
खेलें वीडियो गेम्स
वीडियो गेम्स खेलने से मस्तिष्क की सजगता बढ़ती है। अमेरिका के रोसेस्टर विश्वविद्यालय में ब्रेन एन्ड कॉग्निटिव साइंसेस विभाग में प्रोफेसर डैफ्नी बीवेलियर के अनुसार वीडियो गेम्स खेलते समय आप एकाग्र होकर फैसले लेते हैं, आपको क्या कदम आगे उठाना है, इन सब बातों पर विचार करते हैं। विश्वविद्यालय में हुए एक अध्ययन के अनुसार जिन लोगों ने मेडल ऑफ ऑनर नामक युद्ध से सबधित हिंसक वार गेम खेला था, उनकी एकाग्रता सामान्य लोगों की तुलना में कहीं ज्यादा दर्ज की गयी।
विदेशी भाषा सीखें
कुछ अध्ययनों से यह बात साबित हुई है कि मातृभाषा के अलावा किसी विदेशी भाषा के सीखने से मस्तिष्क की सक्रियता और एकाग्रता बढ़ती है। इसलिए किसी विदेशी भाषा को सीखें। एक अन्य अध्ययन से यह साबित हुआ है कि जो लोग कम से कम दो भाषाएं जानते हैं, वे सामान्य लोगों की तुलना में एक वक्त में कई काम(मल्टी टास्किंग) करने में कहींज्यादा कुशल होते हैं।
थोड़ी धूप भी लें
धूप में रहने से आपकी त्वचा का रंग कासे की तरह चमकदार ही नहीं होगा, बल्कि एक शोध से यह पता चला है कि सन बर्न की शिकायत भी मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ाने और दिमाग से सबधित डीमेंशिया नामक बीमारी की रोकथाम में सहायक है। सूर्य की किरणों में विटामिन डी पाया जाता है, जो मस्तिष्क को सक्रिय रखने का एक सशक्त माध्यम है। 'दि जर्नल ऑफ न्यूरोलॉजी' के अनुसार विटामिन डी मस्तिष्क में सूचनाओं के सग्रह करने की प्रक्रिया को सक्रिय करने में सहायक है। खासकर बढ़ती उम्र के लोगों में। सुबह के समय 15 से 30 मिनट तक धूप में रहना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
करें योग
मस्तिष्क व शरीर को सशक्त करने में व्यायाम के इस विशिष्ट प्रकार यानी योग का जवाब नहीं है। योग सपूर्ण व्यायाम है। योग विशेषज्ञ शमीम अख्तर के अनुसार योग में ऐसे अनेक आसन हैं, जो मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ाने में सहायक हैं। आसनों में शरीर अंदर, बाहर व आगे की ओर विभिन्न मुद्राओं में झुकता है। इससे मस्तिष्क को पर्याप्त मात्रा में रक्त की आपूर्ति होती है और यह सजग व सक्रिय बनता है। आसनों की ये मुद्राएं मस्तिष्क को तनावरहित करने में असरकारक हैं। सिर के बल किया जाने वाला शीर्षासन, सर्र्वागासन, पश्चिमोत्तानासन और पर्वतासन से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और याददाश्त अच्छी रहती है, लेकिन इन आसनों को किसी योग विशेषज्ञ के परामर्श के बाद ही शुरू करना चाहिए।
चॉकलेट खाइए..
कुछ अध्ययनों का निष्कर्ष है कि चॉकलेट खाने से मस्तिष्क की एकाग्रता बढ़ती है। अनेक शोध-अनुसधानों से यह बात भी सिद्ध हो चुकी है कि चॉकलेट के अलावा खाने-पीने की कई वस्तुएं ऐसी हैं, जिनके लेने से मस्तिष्क की क्रियाशीलता, एकाग्रता व क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा तनाव कम होता है और मस्तिष्क की कोशिकाओं (ब्रेन सेल्स) के क्षीण होने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। ऐसे खाद्य पदार्र्थो में होलग्रेन ब्रेड्स और अनाजों को शामिल किया जा सकता है, जिनमें विटामिन बी6 पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।
विटामिन बी 6 मस्तिष्क के विकास और उसकी क्रियाशीलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी तरह नट्स में जैसे वालनट(अखरोट) में ओमेगा-6 फैटी एसिड्स, ओमेगा-3 फैटी एसिड्स, विटामिन ई और विटामिन बी6 पाए जाते हैं, जो नर्वस सिस्टम को सशक्त बनाते हैं। इसी तरह बादाम में फीनॉयलैलानाइन नामक तत्व पाया जाता है, जो नर्वस सिस्टम के उम्दा स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। वहीं ब्लू बेरी मस्तिष्क को तनावमुक्त करने में सहायक ही नहीं बल्कि यह बढ़ती उम्र में होने वाले मस्तिष्क से सबधित रोगों जैसे अल्जाइमर व डीमेंशिया के होने की आशकाओं को भी कम करने में सहायक है। इसी तरह अंडे में कोलीन नामक तत्व पाया जाता है, जो मस्तिष्क में स्थित स्मृति केंद्रों को सशक्त बनाता है, जिसके कारण याददाश्त अच्छी बनी रहती है।
['मिड डे']

No comments:

Post a Comment