बदलती भौगोलिक और सामाजिक स्तिथियों का मानव जाति से समन्वयन शायद संभव न हुआ होता यदि विज्ञान ने विकास की गति को उछाल का झटका न दिया होता.सूचना के क्षेत्र में हमारे पास उपलब्ध सभी साधन हमें एक
दूसरे के न केवल नजदीक लाते है अपितु
हमारी दुनिया को वो सारी सुविधाओं से नवाजे हैं , जिससे हम अपने जीवन को मनचाहा स्वरुप देने का सार्थक प्रयास कर सकते है.
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